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130 फिल्मों से ‘लल्लू’ को नहीं मिली पहचान, दुख तो होगा ही

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Film प्रचार

फिल्म प्रचार डेस्क

क्या आप राजेश पुरी को जानते हैंॽ आपके के लिए हां कह पाना ज्यादा आसान नहीं होगा। लेकिन अगर आपने दूरदर्शन के धारावाहिक हम लोग और बुनियाद का दौर देखा होगा तो उन्हें तस्वीर से जरूर पहचान जाएंगे। हम लोग में राजेश पुरी को लल्लू के किरदार से पहचान मिली थी। आज तक जानने वाले उन्हें इसी नाम से पहचानते हैं। अतः राजेश पुरी इस बात पर दुख जताते हैं कि 130 फिल्मों और 500 नाटक करके भी उनकी प्रतिभा का सही आकलन नहीं हो सका, तो यह स्वाभाविक ही है। निश्चित ही राजेश पुरी छोटे पर्दे से सबसे प्रतिभावान कलाकारों में हैं और समय-समय पर उनका अभिनय सराहा गया है परंतु इसे भाग्य कहिए या निर्देशकों की नजर, उन्हें कोई ऐसा बड़ा या यादगार किरदार नहीं मिल सका जो दर्शकों के दिलो-दिमाग पर छा जाता। इन दिनों राजेश पुरी एंड टीवी के सीरियल संतोषी मां सुनिए व्रत कथाएं में मनबहादुर सिंह का रोल निभा रहे हैं। सीरियल हर सोमवार से शुक्रवार रात नौ बजे प्रसारित होता है।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से मुंबई तक का सफर करने वाले राजेश पुरी दिल्ली के एक मध्यम वर्गीय परिवार से अभिनय की दुनिया में आए थे। हम लोग के लल्लू के कॉमिक किरदार में उन्हें पहचान मिली और इसके बाद वह कोई और पहचान नहीं पा सके। हालांकि वह रंगमंच पर निभाए अपने किरदारों से संतुष्ट हैं मगर सिनेमा और टेलीविजन से खुश नहीं हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यहां उनकी प्रतिभा का सही आकलन नहीं हुआ। वह कहते हैं कि किसी भी कलाकार को यह बुरा लगता है कि उसके टैलेंट का सही दोहन नहीं हुआ। 130 फिल्में करके भी मुझे मेरी क्षमता के अनुसार किरदार निभाने का मौक नहीं मिला। वह कहते हैं कि मैं फिल्मों में किए अपने काम को कमतर नहीं आंक रहा परंतु फिल्मों में ज्यादा बेहतर और जटिल भूमिकाएं निभा सकता था। बड़े पर्दे पर कभी किरदार की लंबाई अहम नहीं होती। भले ही आपको 15 मिनट मिले मगर वह ऐसा हो कि दर्शकों के दिलों में उतर जाए तो उसके बढ़िया कोई बात नहीं होती।


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