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गुरुग्राम के हॉन्टेड बीपीओ पर बनेगी फिल्म Rosie, पढ़िए कहानी, श्वेता तिवारी की बेटी पलक करेंगी डेब्यू

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Film प्रचार

फिल्म प्रचार डेस्क

टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी (Palak Tiwari) फिल्मों में कदम रखने जा रही हैं। पलक की पहली फिल्म के प्रोड्यूसर होंगे विवेक ओबेराय। पलक ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर अपने डेब्यू की न्यूज ब्रेक करते हुए बताया कि फिल्म का टाइटल होगा, रोजीः द सैफ्रन चैप्टर (Rosie: The saffron chapter)। फिल्म विवेक के प्रोड्क्शन हाउस की दूसरी फिल्म होगी। पिछले दिनों उन्होंने मंदिरा एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर सुष्मिता सेन के भाई राजीव सेन को लेकर फिल्म इति (Iti) की घोषणा की थी, जिसका निर्देशन विवेक मिश्रा करेंगे। पलक ने फिल्म का पोस्टर (Film Poster) भी जारी किया है।

पलक लंबे समय से अपनी खूबसूरती के लिए सोशल मीडिया में चर्चित थीं और अक्सर उनसे तथा श्वेता तिवारी से फिल्म डेब्यू पर सवाल होते थे। तब श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari) ने हमेशा कहा कि वह चाहती हैं कि पहले उनकी बेटी की पढ़ाई पूरी हो जाए, उसके बाद ही वह फिल्मों में आएगी। साथ ही उनका कहना था कि वह सही प्रोजेक्ट का भी इंतजार कर रही है। रोजीः द सैफ्रन चैप्टर की शूटिंग नवंबर 2020 में शुरू होने की उम्मीद है।

सच्ची है सैफ्रन बीपीओ (Saffron BPO) की कहानी

सैफ्रन बीपीओ गुरुग्राम में (Gurugram) में स्थित है। ये एनसीआर की प्रमुख भुतहा जगहों में गिना जाता है। कहा जाता है कि यह कॉल सेन्टर एक कब्रिस्तान के ऊपर बना है। बताया जाता है कि रोज नाम की एक लड़की इस बीपीओ में काम करती थी। वह हर दिल अजीज थी और लगातार कई महीने तक इम्प्लॉयी ऑफ द मन्थ (Employee of the month) का अवॉर्ड भी जीतती रही। एक दिन अचानक जब लोग घर लौटने लगे तो एक फोन आया। आम तौर पर बीपीओ में पांच मिनट से ज्यादा लंबा कॉल नहीं लिया जाता था मगर रोज उस कॉल पर पर करीब पौन से एक घंटे बातचीत करती रही। अगले दिन उसने अचानक छुट्टी ले ली और धीरे-धीरे छुट्टियां बढ़ाती गई। अंत में जब छुट्टियां काफी हो गई तो बीपीओ के एचआर ने उसके द्वारा दफ्तर में दिए पते पर बातचीत की। वहां के मकान मालिक से पता चला कि उसके यहां तो रोज नाम की कोई लड़की रहती ही नहीं है। न ही पहले रहती थी। बहुत खोजबीन के बाद बीपीओ ने रोज के परिवार को खोज निकाला। वहां जो बात पता चली, उससे हर कोई हैरान रह गया। परिवार ने बताया कि रोज तो आठ साल पहले ही मर चुकी है। यह जानने के बाद बीपीओ में रोज की पक्की सहेली को दिल का दौरा पड़ गया मगर उस बचा लिया गया। सैफ्रन बीपीओ में काम करने वाले उसके साथी आज भी उस राज का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वो लड़की कौन थी। जिसे बाद में वहां कभी नहीं देखा गया।


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