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आसाराम बापू के कच्चे-चिट्ठे पर्दे पर आने का रास्ता हुआ साफ

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Film प्रचार

-कई निर्माता-निर्देशक चाहते हैं ‘गनिंग फॉर द गॉडमैन’ के अधिकार खरीदना

फिल्म प्रचार डेस्क

जेल में बंद आसाराम बापू के कारनामों पर वेबसीरीज बनने की अड़चनें खत्म हो गई हैं। पिछले दिनों आसाराम के कारनामों पर लिखी गई एक किताब के प्रकाशन और बिक्री पर निचली अदालत ने रोक लगा दी थी। मगर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे हटा दिया है। इस किताब पर कई फिल्म और वेबसीरीज निर्माताओं की नजरें लगी हैं। आसाराम बापू पर लिखी गई किताब ‘गनिंग फॉर द गॉडमैन’ अजय लांबा (आईपीएस) तथा संजीव माथुर ने लिखी है, जिसे हार्पर कॉलिन्स ने प्रकाशित किया है।

उल्लेखनीय है कि जोधपुर के डीसीपी (वेस्ट) अजय लांबा (आईपीएस) ने ही आसाराम के खिलाफ जांच की अगुवाई की थी। किताब में आसाराम बापू के सारे कच्चे चिट्ठों को उजागर किए जाने के कारण चार सितंबर को दिल्ली की एक निचली अदालत ने आसाराम के एक समर्थक की याचिका पर इसे प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन हार्पर कॉलिंस द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद 22 सितंबर को जस्टिस नजमी वजीरी ने किताब पर से सारे प्रतिबंध हटा लिए। अब यह किताब जल्द ही ऑनलाइन तथा रिटेल स्टोर्स से खरीदी जा सकेगी। साथ ही किताब पर आधारित वेबसीरिज बनने का भी रास्ता साफ हो गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लेयह पर रिलीज हुई वेबसीरीज ‘आश्रम’ के बारे में कहा जा रहा है कि यह एक अन्य बाबा राम रहीम के जीवन को दिखाती है। आश्रम की सफलता को देखते हुए कई निर्माता-निर्देशकों की नजर आसाराम बापू की कहानी पर भी है। किताब में आसाराम के जीवन का सारा लेखा-जोखा है। साथ ही इसमें यह भी बताया गया है कि वह क्या-क्या गलत काम काम करता था। कैसे उसे पकड़ा गया। अदालत में उसके खिलाफ क्या-क्या मामले आए। क्या-क्या कार्यवाही हुई। कैसे इस बाबा को सजा मिली। जानकारों के अनुसार अदालत द्वारा पुस्तक पर प्रतिबंध हटा लेने से निर्माताओं के लिए किताब पर आधारित वेबसीरीज या फिल्म बनाने का रास्ता आसान हो गया है। जल्द ही किसी ओटीटी पर आसाराम के जीवन पर आधारित वेबसीरिज की घोषणा हैरानी की बात नहीं होगी।


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