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Mirzapur 2 या A Suitable Boy जानिए कौन सी वेबसीरीज करेगी आपका एंटरटेनमेंट

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Film प्रचार

फिल्म प्रचार डेस्क

ओटीटी प्लेटफॉर्म भी धीरे-धीरे सिनेमाघरों में शुक्रवार को होने वाली फिल्मों की टक्कर जैसे मुकाबले का मैदान बनते जा रहे हैं। आज शुक्रवार 23 अक्तूबर को दो प्लेटफॉर्मों पर दो बड़ी वेबसीरीज रिलीज हुईं। अमेजन प्राइम वीडियो पर जहां बहुप्रतीक्षित मिर्जापुर आई, वहीं नेटफ्लिक्स पर बीबीसी की सबसे महंगी वेबसीरीजों में से एक अ सूटेबल बॉय अंग्रेजी, हिंदी और बांग्ला में रिलीज हुई। दोनों ही भव्य हैं और इनके अपने-अपने दर्शक हैं। मिर्जापुर ऐसे दर्शक के लिए है, जो अपराध कथाओं को पसंद करता है वहीं अ सूटेबल बॉय क्लास उनके लिए जो भारतीयता और अलग किस्म की कहानियों पर समय और पैसा खर्च करता है। आप अपनी पसंद के हिसाब से इन्हें देख सके हैं। जानिए क्या है इन वेबसीरीजों में…

Mirzapur 2 (अमेजन प्राइम वीडियो)

एपिसोडः 10

निर्देशकः गुरमीत सिंह, मिहिर देसाई

कलाकारः पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, रसिका दुग्गल

2018 में आए मिर्जापुर ने ओटीटी के हिंदी दर्शकों को एंटरटनमेंट की नई जमीन दी थी। यूपी के मिर्जापुर में किंग कहे जाने वाले अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) और उनके बेटे मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु शर्मा) के बीच प्यार तो है मगर प्रतिद्वंद्विता भी है। मुन्ना भैया को पिता की गद्दी चाहिए। दूसरे सीजन में यही कहानी बढ़ी है मगर कालीन भैया द्वारा तैयार किए गए गुड्डू (अली फजल) और इंस्पेक्टर गुप्ता की बेटी गोलू (श्वेता शर्मा) मुन्ना भैया के खून के प्यासे हैं। मुन्ना भैया ने गुड्डू के भाई और गोलू की बहन की हत्या की है। मिर्जापुर की गद्दी पर कई लोगों की निगाहें हैं। राजनेताओं को यहां से धन आता है तो राजनीति के भी रंग हैं।

इन सबके बीच खास बात यह कि त्रिपाठी परिवार पर ऊपर से मजबूत दिखने के बावजूद अंदर से खोखला है। कालीन भैया अपनी पत्नी बीना (रसिका दुग्गल) के लिए नॉन परफॉरमिंग एसेट हैं और इसकी भरपाई उनके बूढ़े पिता (कुलभूषण खरबंदा) करते हैं। कालीन भैया की मेडिकल रिपोर्ट कहती है कि वह पिता बनने के काबिल नहीं है और बीना प्रेग्नेंट है। दूसरे सीजन की कहानी का यह चौंकाने वाला ट्विस्ट है। कालीन भैया के आंगन में गूंजने वाली किलकारी क्या मुन्ना भैया की गद्दी की दावेदारी में आड़े आएगी। अब क्या होगा।

दूसरे सीजन में कहानी पहले सीजन के मुकाबले कमजोर है और इसमें आए नए किरदार प्रभाव नहीं छोड़ते। कालीन भैया का डर भी पहले जैसा नहीं है। इसके बावजूद अगर पहला सीजन आपको पसंद आया था और आप क्राइम-सेक्स-लव-पॉलिटिक्स की कहानियों में दिलचस्पी रखते हैं तो दूसरा सीजन देख सकते हैं। नएपन की ज्यादा उम्मीद मत लगाइगा। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, रसिका दुग्गल, कुलभूषण खरबंदा का अभिनय ही दूसरे सीजन को अपने कंधों पर उठाए है। लेखक-निर्देशकों ने यहां निराश किया है।

A Suitable Boy (नेटफ्लिक्स)

एपिसोडः छह

निर्देशकः मीरा नायर

कलाकारः तान्या माणिकतला, ईशान खट्टर, राम कपूर, तब्बू, माहिरा कक्कड़, शाहना गोस्वामी, रसिका दुग्गल, रणदीप हुड्डा, विजय वर्मा, रणवीर शौरी, विजय राज, विनय पाठक

अंग्रजी की दुनिया में विक्रम सेठ के उपन्यास अ सूटेबल बॉय का बड़ा नाम है। बीबीसी ने इस पर यह वेबसीरीज बनाई है, जिसका बजट ही 150 करोड़ रुपये के ऊपर है। यह खर्च दिखता भी है जब सीरीज में बलरामपुर के बहाने 1951-52 का हिंदुस्तान नजर आता है। कहानी और दृश्य आपको अतीत में ले जाते हैं। मीरा नायर ने कुशलता से इस पीरियड कहानी को स्क्रीन पर उतारा है। जिसमें संपन्न मेहरा परिवार की लड़की लता (तान्या माणिकतला) के लिए मां एक योग्य वर की तलाश में है। किसी भी पारंपरिक समाज में लड़की के लिए लायक लड़के की तलाश हर जानने वाले में एक किस्म का रोमांच और उत्साह पैदा करती है। अ सूटेबल बॉय में लता की जिंदगी में आने के लिए तीन लड़के तैयार हैं। युनिवर्सिटी में उसका प्रेमी कबीर दुर्रानी (दानिश रिजवी), लता की भाभी का भाई अमित (मिखाइल सेन) और मां के द्वारा ढूंढा गया एक शू कंपनी में काम करने वाला शू-डिजाइनर हरेश खन्ना (नमित दास)। कौन है लता के लायक। अ सूटेबल बॉय। लता, जो खुद युनिवर्सिटी में अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई कर रही है, बहुत सुंदर और नाजुक है।

वेबसीरीज में लता और मेहरा परिवार के साथ कपूर परिवार की भी कहानी है, जिसके मुखिया महेश कपूर (राम कपूर) उत्तर प्रांत की सरकार में मंत्री हैं और किसानों के हक में जमींदारी प्रथा के विरुद्ध प्रस्ताव लाते हैं। जिसका जमींदार और राजा विरोध करते हैं। महेश के छोटे बेटे मान (ईशान खट्टर) का बलरामपुर की मशहूर गाने वाली/तवायफ सईदा बेगम (तब्बू) से प्रेम भी इस कहानी में रोमांच भरता है। यहां हिंदू-मुसलमान और मंदिर-मस्जिद मुद्दे भी हैं, जो इसे आज के दौर में भी प्रासंगिक बनाते हैं। अगर आप कल्पनाशीलता से भरे खूबसूरत पीरियड ड्रामा को देखना चाहते हैं, आपको साहित्य से प्यार है तो अ सूटेबल बॉय आपके लिए है।


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