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Shahzada Ali Review: बंदिशें हैं मगर उड़ान का हौसला भी कम नहीं

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Film प्रचार

फिल्म प्रचार डेस्क

बच्चों को समझना बहुत मुश्किल होता है लेकिन मां अपने बच्चे की हर बात समझ जाती है। लेकिन कई बार मां के लिए भी अपने बच्चों की भावनाओं को समझना मुश्किल हो जाता है या फिर वह समझ कर भी समझना नहीं चाहती। जिसके पीछे कारण बच्चों की भलाई ही होती है। लेकिन बच्चे तो उस आतुर पंछी की तरह होते हैं जो अपने नए पंखों के साथ सिर्फ और सिर्फ उड़ना चाहते हैं। बिना किसी रुकावट के।

अली ऐसे ही बच्चे की कहानी है जो दोस्तों के साथ खेलना चाहता है, सायकल चलाना चाहता है लेकिन उस पर बंदिशें हैं। वजह, अली के दिल में सुराख है। इसलिए वह बाहर अपने दोस्तों के साथ खेल नहीं सकता। भाग दौड़ नहीं सकता। सो, उसकी जिंदगी घर में अपनी मां के इर्द-गिर्द घूमती है। अली की मां उसे शैतान और फरिश्ते की कहानियां सुना सुनाकर बहलाए रखती है। इन्हें सुनकर अली को यकिन हो जाता है कि यदि वह अम्मी की बात मानेगा तो एक दिन फरिश्ता उसे शहजादा बना देगा। फिर वह जो चाहे कर सकेगा। दूसरे बच्चों के जैसे खेल सकेगा। उसके पास क्रिकेट बैट होगा। लेकिन शैतान उसका पीछा नहीं छोड़ता। वह उसके आस पास ही घूमता रहता है, कभी पुरानी हवेली में रहता है तो कभी उल्टी पडी चप्पल पर। आज कोरोना नाम के शैतान के चलते बच्चे बाहर खेलने नहीं जा पा रहे हैं।

मूल रूप से शहजादा अली एक बच्चे के दर्द को बहुत अच्छे से बयां करती है, जो बाहर खेलने नहीं जा पा रहा। फर्क सिर्फ इतना है कि अली किसी और वजह से अपने दोस्तों के साथ खेल नही पा रहा। अली के पिता की भूमिका में जीशान कादरी जमे हैं, जो अपने नौकरी-पेशे के कारण तो परेशान हैं ही साथ ही बेटे की बीमारी को लेकर भी चिंतित हैं। निधि बिष्ट ने मां का किरदार गहराई से निभाया है। अली के रूप में इजहार खान ने अपनी उम्र के मुताबिक खुद को सही ढंग से किरदार में ढाला है।

शहजादा अली आम कथानकों वाली फिल्मों से अलग है। अकबर और आजम कादरी ने फिल्म को लिखा और निर्देशित किया है। हाल के वर्षों में मुस्लिम समाज को लेकर कुछ लेखकों-निर्देशकों ने फिल्में बनाई हैं, जिनमें उनके बच्चों के भविष्य को लेकर चिंताएं झलकती है। वे फिरकापरस्ती के साधारण मुहावरों से उठ कर सोचते हैं। शहजादा अली भी उसी श्रेणी में खड़ी होती है। यह भारतीय सिनेमा के लिए अच्छे संकेत हैं। अगर आप इन दिनों लगातार आ रही क्राइम-सेक्स आधारित वेबसीरीजों और ऐसी ही फिल्मों से अलग कुछ देखना चाहते हैं तो शहजादा अली एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है।

प्लेटफॉर्मः एमएक्स प्लेयर

निर्देशकः अकबर कादरी और आजम कादरी

कलाकारः जीशान कादरी, निधि बिष्ट, इजहार खान

अवधिः एक घंटे 16 मिनट

रेटिंग**1/2


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